लॉक डाउन से हम क्या सीख सकते हैं?
एक अजीब चीज बाहर से आती है और पूरी दुनिया को परेशान करती है। और सभी देश बंद हो जाते हैं। ये बहुत आसान लगता है क्योंकि सभी अपने छुट्टिओंके बारेमे सोच रहे थे। अभी हमें पता चला कि जैसे हम सोच रहे थे उतना ये आसान नहीं है। डॉक्टर लोगों की जान बचानेकी कोशीश कर रहे हैं। पुलिस वायरस के कम प्रभाव के लिए इस लॉक के प्रबंधन में लगे हुए हैं। मीडिया जागरूकता फैलाने की कोशिश करता है और कुछ अनगिनत सामाजिक कार्यकर्ता और मानव लोगों के लिए दैनदिन आवश्यक मदत कर रहे है। इस समय अमीर या गरीब, जाति, रंग और धर्म की पट्टी नहीं है। आगे बढ़ने से पहले मैं उन लोगों को सलाम करता हूं जो इस बड़ी चुनौतियों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगे हुए हैं। इसके अलावा, मैं उन लोगों का भी स्वागत करता हूं, जो अपने परिवार और अपने समाज के लिए घर पर रह रहे हैं और सोशल मीडिया का उपयोग कर प्रचार कर रहे हैं। हमें ये जानना जरुरी है की इस लॉक डाउन से हमें क्या सिख मिली।
एक अजीब चीज बाहर से आती है और पूरी दुनिया को परेशान करती है। और सभी देश बंद हो जाते हैं। ये बहुत आसान लगता है क्योंकि सभी अपने छुट्टिओंके बारेमे सोच रहे थे। अभी हमें पता चला कि जैसे हम सोच रहे थे उतना ये आसान नहीं है। डॉक्टर लोगों की जान बचानेकी कोशीश कर रहे हैं। पुलिस वायरस के कम प्रभाव के लिए इस लॉक के प्रबंधन में लगे हुए हैं। मीडिया जागरूकता फैलाने की कोशिश करता है और कुछ अनगिनत सामाजिक कार्यकर्ता और मानव लोगों के लिए दैनदिन आवश्यक मदत कर रहे है। इस समय अमीर या गरीब, जाति, रंग और धर्म की पट्टी नहीं है। आगे बढ़ने से पहले मैं उन लोगों को सलाम करता हूं जो इस बड़ी चुनौतियों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगे हुए हैं। इसके अलावा, मैं उन लोगों का भी स्वागत करता हूं, जो अपने परिवार और अपने समाज के लिए घर पर रह रहे हैं और सोशल मीडिया का उपयोग कर प्रचार कर रहे हैं। हमें ये जानना जरुरी है की इस लॉक डाउन से हमें क्या सिख मिली।
हमारे पास अपने पारिवारिक रिश्तो को बढ़ाने का मौका है।
इस दौड़ती जिंदगी में बहुत सारे पारिवारिक संबंध पहले से ही टूट रहे है।
यह सही अवसर है कि हम उस पर विश्लेषण करके उन्हें बहुत मजबूत बना सकते हैं। उस पर अच्छा
निर्णय लेने के लिए हमारे पास अच्छा समय है। इसके अलावा आप रिश्ते के मुद्दो को सुलझाने
के लिए अपने शुभचिंतक या वरिष्ठ से मदद ले सकते हैं। हमें अपने प्यार और परिवार को
समझने के लिए इस लॉकडाउन का फायदा उठाना चाहिए।
हम विलासिता की चीजों के बिना रह सकते हैं।
यह एक बहुत बड़ी बात है कि हम विलासिता की चीजों के बिना रह सकते हैं।
पार्टियों के बिना, लंबी ड्राइव, कार्य, कार्यालय / लंबी यात्रा, कार्यालयिन तनाव, समय
सीमा,लक्ष्य और ट्रेन, उड़ान, बस, टैक्सी और यातायात के मुद्दो की कोई देरी नहीं।
आज हम सीख सकते हैं कि सीमित चीज़ों से खुद को कैसे बचाया जा सकता है। हम एक साधारण जीवन जी सकते हैं। इनके लिए हमें केवल रोटी, कपड़ा और घर
चाहिए।
आत्म नियंत्रण और मन की शांति।
कुछ लोग इस सब चीजों को कुछ ज्यादा ही सहजता से लेते है। इस भागती दौड़ती
जिंदगी में हर कोई अपने लिए समय नहीं मिलने की शिकायत करता है। यह एक अच्छा अवसर है
जिसका सदुपयोग करके हम हमारे मन को नियंत्रीत कर सकते है। हम आत्म नियंत्रण
सीख सकते हैं और अपने परेशान मन को भी शांत कर सकते हैं। हम आत्म नियंत्रण के लिए
ध्यान कर सकते हैं।
भविष्य की योजना की आवश्यकता है।
हम इस लॉकडाउन में अपने परिवार के लिए भविष्य की योजना बना सकते हैं।
क्योंकि, आज की स्थिति के अनुसार हर कोई यह समझ गया है कि हमारे पास जो कुछ भी है वह
हमारे भविष्य के लिए पर्याप्त नहीं है। हमें भविष्य की और योजनाएं चाहिए।
प्रदूषण मुक्त वायु और वन्य जीवन।
अब सब कुछ बंद हो गया है, कंपनी,
परिवहन, भीड़, समुद्र के किनारे या सड़क पर या जंगली क्षेत्र में कोई नहीं भटक रहा
है। यह एक बड़े विराम की तरह है और इसके कारण प्रदूषण कम हो गया है। धीरे-धीरे सभी
जानवर सड़क पर और मानव स्थानों पर अपने जीवन का आनंद लेने के लिए निकले है। यह प्रकृति
पर अच्छा प्रभाव है। शायद इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ हो।
केवल मानव ही सभी को बचा सकता है।
अभी केवल एक मानव दूसरे मानव को बचाने की कोशिश कर रहा है। इस पृथ्वी
का अच्छा या बुरा मानव सोचता है। कुछ मानव की कर्मों का ही नतीजा हम सब भुगत रहे है।
इसलिए मैं कह रहा हूं कि केवल इंसान ही इंसानों को बचा सकता है। यह लॉकडाउन हमें अवसर
देता है कि हम मनुष्यों को बचाएं। हर कोई ऐसा करने की कोशिश कर रहा है।
मानवता से बड़ा कुछ नहीं है।
आज हम यह समझ रहे हैं कि, यदि हम इस पृथ्वी पर रहना चाहते हैं तो हमें एक दूसरे को बचाना चाहिए। इस बार हर कोई एक दूसरे की मदद कर रहा है। यह वायरस प्रत्यक्ष
और अप्रत्यक्ष रूप से हमें मानवता सिखाता है। हम अपने परिवार और समाज के लिए ऐसा कर
रहे हैं। हमारे परिवार, समाज और मानव को सुरक्षित रखने के लिए।
हर कोई चीजों को प्रबंधन करना सीख रहा है।
हां, हर कोई सीमित स्रोतों के साथ चीजों के साथ प्रबंधन करना सीख रहा है। इसके अलावा
लोग वर्तमान स्थिति के साथ समायोजित करना सीख रहे है। संपूर्ण दुनिया सीख रही है कि
कैसे गंभीर स्थिति और आपदा में प्रबंधन किया जाए। यह प्रबंधन सीखने का सबसे अच्छा
समय है चाहे वह छोटा हो या बड़ा।
पूरी दुनिया इस जटिल युद्ध में फंस
गई है।
हर देश अपने लोगों को इस घातक वायरस से बचाने में लगा हुआ है। ये लड़ाई
उससे है जो आसानी से आंखोको नहीं दिखाई देता। इस खराब स्थिति से बाहर आने के लिए
सभी देश एक दूसरे की मदद कर रहे हैं। इस दुनिया में अप्रत्यक्ष रूप से मानवता
बढ़ रही है।
यह मानवता के लिए प्रत्येक मनुष्य
का प्रत्यक्ष परीक्षण है।
मानव जानता है कि कोई भी प्राकृतिक शक्ति को हरा नहीं सकता है। यह प्रकृति का खेल है और हम एक मोहरा हैं। हमेशा हमें अपने स्वभाव को सुधारनेका मौका मिलता है। यह पृथ्वी पे मानवता जीवित है या नहीं, इसकी की जाँच करने के लिए प्रकृति द्वारा प्रबंधित किया गया अप्रत्यक्ष परीक्षण है।
मानव जानता है कि कोई भी प्राकृतिक शक्ति को हरा नहीं सकता है। यह प्रकृति का खेल है और हम एक मोहरा हैं। हमेशा हमें अपने स्वभाव को सुधारनेका मौका मिलता है। यह पृथ्वी पे मानवता जीवित है या नहीं, इसकी की जाँच करने के लिए प्रकृति द्वारा प्रबंधित किया गया अप्रत्यक्ष परीक्षण है।
जब भी मानव प्राकृतिक चीजों में हस्तक्षेप करता है तो निश्चित रूप से कुछ गलत होता
है। आज हम जानवरों के जीवन को महसूस कर रहे हैं। आशा करता हु की सभी लोग समझ गए होंगे
की इस लॉक डाउन से हम क्या सिख सकते है। आओ मिलकर इस महामारी से इस दुनिया को बचाएं।
लॉक डाउन का अच्छा सदउपयोग करें। जनता जागृत हो जाये, हमारे योद्धाओं को प्रेरित
करे और उन्हें प्रोत्साहित करे। और मानवता के लिए सरकार के आदेशों का पालन करें।
घर में रहें और सुरक्षित रहें!
घर में रहें और सुरक्षित रहें!
Nicely written 👌👌
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